73 वें गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- जिंदगी वतन के नाम

          जिंदगी वतन के नाम वतन के लिए करना है अच्छा काम, जग में रोशन करना है नाम। आज  मैंने  वतन के खातिर, जिंदगी लिखा वतन के नाम।1। अब करन...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नारी शक्ति

                      नारी शक्ति नारी ही पृथ्वी को बसाती। नारी ही घर को सजाती। नारी कभी माँ,बेटी,कहलाती। नारी ससुराल का मान बढ़ाती।1। नारी च...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- विश्व रक्तदान दिवस

          विश्व रक्तदान दिवस रक्तदान है महादान। इससे बढ़ा कोई न दान। रक्त कमी से मरने वाले को। रक्तदान से बढ़कर कोई नहीं। बिना किसी स्वार्थ ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मजबूर है मजदूर

            मजबूर है मजदूर जिंदगी के तलाश में हम। मौत के करीब आ गये। लाॅकडाऊन के चलते हम। जहां के तहां रह गये। घर द्वार के साथ-साथ। मेरा गां...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सज गया साहित्य द्वार

        सज गया साहित्य द्वार सज गया साहित्य मंच का द्वार, शामिल हो सभी साहित्यकार। आओ मिलकर हम करें, माॅं शारदे का करो जय जयकार।1। सभी लो सा...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- ममतामयी देवी- माँ दुर्गा

        ममतामयी देवी- माँ दुर्गा आ गई माँ शेरोवाली। ओढ़ चुनरी रंग लाली। तुम हो शैलपुत्री,ममतामयी। तू करते शेर के सवारी। तुम हो इस जग की माता...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पर्यावरण

                      पर्यावरण आओ मिलके विश्व पर्यावरण दिवस मनाए, जन-जन में पर्यावरण का जागरूकता जगाए।  इंसान अंधाधुंध पेड़ पौधों को काट रहे...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पृथ्वी दिवस

                  पृथ्वी दिवस भगवान ने बनाया अनमोल वस्तु, जहाँ हम निवास करते है। उस निवास का भगवान ने पृथ्वी का नाम दिया। पृथ्वी पर मिलने वा...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हिमालय

                  हिमालय नेपाल, चीन सीमा पर स्थित, हिमालय पर्वत की चोटी। गंगा यही से निकलती है, पत्थरों के साथ बहती है। हिमालय को पर्वत राज,...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- जवान

                  जवान    मान करे,सम्मान करे, वीर जवान का गुणगान करे,  देश की सीमा मे रक्षा करते, हम सब मिलकर सम्मान करे। कश्मीर की सीमा मे ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माॅं की ममता ईश्वर का वरदान

      माॅं की ममता ईश्वर का वरदान             माॅं की ममता ईश्वर का वरदान है, सच पूछो तो माॅं ईश्वर नही भगवान है। माॅं को नाराज करना तेरी भ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- अनुशासन

                अनुशासन सुबह की नई किरण से, आलस का त्याग करना है। चहक रही है सारे पक्षी, स्वस्थ रहो तन,मन से। बड़ो के समक्ष सिर झुकाओ, सदा प...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आईना

                    आईना जब भी मै आईना देखूं, तेरी तस्वीर नजर आती है। तु मुझसे नाराज क्यों है, क्यों दिखा रही हो आईना। लोगो के चेहरे और मन क...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सूर्य नमस्कार

                सूर्य नमस्कार रोज सुबह आता है, सदा सबको जगाता है। ठंड के दिनों मे गर्मी देकर, वो सूर्य चला जाता है। पूरब,पश्चिम,उत्तर,दक्षिण...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शहादत

                    शहादत शहीदों की शहादत मे,     नाम आयेगा तेरा। भारत माँ के लाल तुझको,    हाथ जोड़ प्रणाम मेरा। दुश्मन ऊपर करके चढ़ाई,   ख...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बेमौसम बरसात

                बेमौसम बरसात आसमान में बादल छा रही है। आँधी,तूफान आ रही है। गरज और चमक के साथ, बेमौसम बरसात हो रही है।1। मुझे न कुछ कहती न क...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- स्वामी विवेकानंद

              स्वामी विवेकानंद विश्व गुरु बन ज्ञान का दीप जलाया। सोए लोगों के आत्मा को जगाया। भारतीय अध्यात्म और संस्कृति से, विश्व को अभूतप...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बचपन की यादें

            बचपन की यादें जिंदगी किताब है उसके पन्ने लिख गये, पहले साथ रहते थे अब झगड़ना सीख गये। ये बचपन यूं याद आते है मेरे दोस्त, खरीदना ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- चालाकी

                चालाकी मेरे दिल की मायूसी तो, तेरे पास से गुजरी है। हम सारी चालाकी से, वही छोड़ के गुजरे है। तेरे-मेरे रात मे फर्क इतना है, ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बसंत ॠतु का आगमन

          बसंत ॠतु का आगमन सबका हृदय खिल जाएगा, मस्ती में सब गीत गाएगा। नाचे गाए सब मन बहलाए, जब बसंत अपना रंग दिखाए।1। खिल कर वो गुलाब का फ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मेरे सपने

                    मेरे सपने  उगते हुए सूरज का निकलना। ठलती हुई सूरज की लाली। फूलों का डाली पर मुरझा जाना। हर गम को भूल कर आगे बढ़ना। सपनों...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पति-पत्नी का प्रेम

              पति-पत्नी का प्रेम पत्नी पति के लिए अपनी जान दे देती है, पत्नी पति के लिए सब कुर्बान कर देती है। सुख-दुख में जो साथ देती है, व...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शबनम

                शबनम सुंदर बूंदे शबनम की, जब सजती है पंखुड़ियो पर। जब प्रकाश पड़ती है उस पर, दिखती सुंदर शबनम की बूंदे। कुदरत को देकर अपनी स...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सोच को चमकने दो

              सोच को चमकने दो जैसा हम सोचते है,    वैसा ही बन जाते है,      जैसा हम कर्म करते है,     वैसा ही हमें फल मिलता है, सृष्टि हमारे...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- गरीबी

                    गरीबी ना चाहिए मुझे तेज भागते बुलेट ट्रेन, ना ही मुझे स्मार्ट सिटी का चाह है। क्या करूं कैसे करूं वाई-फाई का, जब आज भी आ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हमारा छत्तीसगढ

              हमारा छत्तीसगढ हमारा छत्तीसगढ स्वर्ग जैसा सुंदर है, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और पर्वत है। चारो तरफ हरा-भरा है, इसे धान का कटोरा कहते है...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- किसान

                  किसान जिसके कंधे पर बोझ बढ़ा, वो भारत माॅं का बेटा कौन ?। जिसने पसीने से भूमि को सौंदा, वो भारत माॅं का बेटा कौन ?। वह किस...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- गीत

                  गीत पिता की आस है *गीत*। मां का विश्वास है *गीत*। मेरे घर की है नव किलकारी। सबकी चहेती *गीत* दूलारी। हौसलों की उड़ान है *ग...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- गद्दार

                गद्दार हिन्द में आया मिसाइल। नाम जिसका है राफाल। राफाल को कहा जा रहा। हिन्दुस्तान का सिकन्दर। हिन्दुस्तानी सिपाही अड़ा हुआ। ...