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क्रमाॅंक:- 183, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- जीवन गाथा

                       जीवन गाथा                        //१// जीवन गाथा गा रहा, सुनै उसे ना कोय। मुश्किल में धीरज रखें, सफल वही ...

क्रमाॅंक:- 182, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष(दोहा छंद)रचना- जन्म दिन की शुभकामनाऍं

             जन्म दिन की शुभकामनाऍं                         //१// जनम दिवस की कामना, आए बारंबार। पालक की लाडो परी, मिले सदा ही प...

क्रमाॅंक:- 181, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- भोलेनाथ के पावन महिना

          भोलेनाथ के पावन महिना भोले भंडारी म जल चढ़हाबो, बोल बम बोल के नारा लगाबो। भगवा रंग के ओंखरा पहिन के, भोले बाबा के दुवा...

क्रमाॅंक:- 180, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष(मुक्त छंद) रचना- महावीर हनुमान

                    महावीर हनुमान दुख हर्ता मारूती नंदन, वंदन बारंबार। राम सेवक मारूती, हम पे करो उपकार।। बजरंगी नित आइए, सुने भ...

क्रमाॅंक:- 179, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष(दोहा छंद)रचना- गाॅंव-गाॅंव जलमग्न

                 गाॅंव-गाॅंव जलमग्न गाॅंव-गाॅंव जलमग्न है, बरखा से जलधार। कहर ढा़ रहा आसमां, ब्याकुल है संसार।१। कहीं डूब जल में...

क्रमाॅंक:- 178, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बेवफा प्यार को भुलाएं कैसे

             बेवफा प्यार को भुलाएं कैसे साथी मुझे छोड़ चली दिल मेरा तोड़कर। पराये का हाथ थाम मुझसे मुॅंह मोड़कर।। मेरा अब तू नही...

क्रमाॅंक:- 177, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सम्मान की चाह

                     सम्मान की चाह सम्मान की चाह में करना है कुछ काम। धैर्य बना के रखना है कमाने को नाम।। नेक कर्मो की सोच से सम...