क्रमाॅंक:- 155, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- प्यार का एहसास

                   प्यार का एहसास तुझको एक पैगाम भेजा हूॅं, प्यार  का  सलाम  भेजा  हूॅं। तेरे मस्त  लबों  को देखकर, दिल पर लिखा ...

क्रमाॅंक:- 154, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- तुम्हारी ऑंखें

                      तुम्हारी ऑंखें चमक उठी है प्यार ऑंखों में, एक तू ही है सनम लाखों में।। प्यार का सदा करूॅंगा कदर, ख्वाहिशें...

क्रमाॅंक:- 153, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नजराना

                           नजराना       ना नजर था ना नजराना था, आपका आना था और हमारा जाना था, क्या करे इसे किस्मत का खेल कहे, और...

क्रमाॅंक:- 152, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ

           पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ सुनो भारत देश के वासियों, जंगल का नाश करना बंद करो। धरा  को  हरा  भरा  बनाकर, पेड़-पौधों का ...

क्रमाॅंक:- 151, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- दिल चुराए बैठी हो

                   दिल चुराए बैठी हो नजर और सिर झुकाए बैठी हो। अपनी जुल्फों को फैलाए बैठी हो। जब से मैने तुमको देखा हूॅं, मेरा द...

क्रमाॅंक:- 150, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- संघर्ष ही जीवन है

                  संघर्ष ही जीवन है छोटी-छोटी खुशियाॅं बड़ी बन जाती हैं। छोटी खुशियाॅं जीने का सहारा बन जाती हैं। जिस प्रकार बूॅ...

क्रमाॅंक:- 149, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- फलों के राजा आम

                 फलों के राजा आम पके हुए हैं आम ,बता दो उनके दाम। छोटे,बड़े रसदार पके हुए हैं आम। रसदार  और  मीठे  होते हैं, फलो...

क्रमाॅंक:- 148, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नारी बिना सब सून

                  नारी बिना सब सून पुरूषों के  जीवन में  नारी, खुशबू फैलाती है सारी।१। बनकर नारी पुरूषों की ढाल, खुशियाॅं फैलाती...

क्रमाॅंक:- 147, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छत्तीसगढ़ी गीत- आबे रानी मोर गाॅंव

                आबे रानी मोर गाॅंव जंगल झाड़ी के रहइया ओ रानी। सुघ्घर  निठोरा मोर  गाॅंव ओ। घूमे ल आबे मोर गाॅंव मा रानी घुमाहूँ...

क्रमाॅंक:- 146, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बन जा मोर जीवनसंगिनी

            बन जा मोर जीवनसंगिनी मुरली की धुन मन को भाने लगी है, तेरी तस्वीर मुझे नजर आने लगी है।१। मेरे मन में बस गई हो स्वीटी ...

क्रमाॅंक:- 145, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष हिंदी गीत- सदा खुश रखूंगा तुमको सनम,

           सदा खुश रखूंगा तुमको सनम सदा खुश रखूंगा तुमको सनम, वादा है तुमसे तेरी कसम। सदा खुश रखूंगा तुमको सनम वादा है तुमसे तेर...

क्रमाॅंक:- 144, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हसदेव बचाओ

                       हसदेव बचाओ हसदेव  के  जंगल  को  काट  दिया, प्रकृति का उग्र रूप दिखाई दिया। सूर्य  ने  अपना  तपन  बढ़ाया, ...

क्रमाॅंक:- 143, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हसदेव के गोहार

                    हसदेव के गोहार हसदेव  अरण्य  काट  रहे, इंसान संकट को बुला रहे। मानवता अब खत्म हो रहा, प्रकृति से खिलवाड़ कर ...

क्रमाॅंक:- 142, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- अपनों का प्यार मिले

                 अपनों का प्यार मिले जिंदगी जी लो अपने परिवार के संग। अपनों के जिंदगी में भर लो प्यार के रंग।। पता नहीं जिंदगी क...

क्रमाॅंक:- 141, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मैं खुद से अनजान हूॅं

                मैं खुद से अनजान हूॅं इस छोटी सी दुनिया में, मैं  एक  अनजान  हूॅं। कौन क्या?कुछ पता नहीं, मैं  खुद  से  अनजान  ह...

क्रमाॅंक:- 140, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छत्तीसगढ़ी गीत- गोरी तोर मीठ बोली

                    गोरी तोर मीठ बोली   लय  ओ,हो,हो,हो,ला,ला,ला,ला ला,ला,ला,ला,ला,ला, ला तर्ज गोरी तोर मीठ बोली बड़ नीक लागे ओ। ...

क्रमाॅंक:- 139, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हसदेव अरण्य

                       हसदेव अरण्य आओ मिलकर हसदेव अरण्य को बचाएं। जन-जन में जागरूकता फैलाएं। अंधाधुंध पेड़-पौधे काटे जा रहे, पर्...

क्रमाॅंक:- 138, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- चढ़ता घमंड

                    चढ़ता घमंड चढ़ता   घमंड  में   इंसान, रिश्तें-नाते  भूल  जाते  हैं। पैसों  का  रौब  दिखाकर, चढ़ता घमंड दिखा ...

क्रमाॅंक:- 137, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- इश्क में जुदाई की तड़प

              इश्क में जुदाई की तड़प मैं तेरे प्यार में जलता ही रहा, दिन-रात जल बीन मछली तड़पता ही रहा। नहीं भुल पाया  यादों को ...

क्रमाॅंक:- 136, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- दो नैना

                            दो नैना दो  नैना  जब से तुम्हारे देखा, खोया रहता हूॅं तुम्हारे नैनों में। बरसा दो मझपे अपना प्यार, प...

क्रमाॅंक:- 135, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- रिश्ता बनाए रखने के लिए विश्वास जरूरी है

रिश्ता बनाए रखने के लिए विश्वास जरूरी है रिश्तों से चहक उठता है जीवन, फूल जैसा महकाती है जीवन। जब रिश्तों में विश्वास हो तो। महक...

क्रमाॅंक:- 134, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- तुम्हारी यादें

                         तुम्हारी यादें सता रही है तुम्हारी यादें, तड़पा रही है तुम्हारी यादें। जब से रूठकर गई हो तुम, जला रही ह...

क्रमाॅंक:- 133 , कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मोर छत्तीसगढ़ के बोरे-बासी

            मोर छत्तीसगढ़ के बोरे-बासी मोर छत्तीसगढ़ के बोरे बासी, सुवाद जइसन गंगा अउ कासी। मिर्चा,गोंदली अउ पताल ह, सुवाद बड़हा...