क्रमाॅंक:- 689,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- भाई-बहन का अनुपम स्नेह

              भाई-बहन का अनुपम स्नेह                           (दोहा छंद) सजी थाल सिंदूर की, बंदनवार अनूप। रक्षा-सूत्र बँधा रहे,...

क्रमाॅंक:- 688,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छत्तीसगढ़ी जसगीत- गुल रे गुल, मदार के फूल

         🌺 गुल रे गुल, मदार के फूल 🌺              छत्तीसगढ़ी मौलिक जसगीत 🌸 स्थायी (मुखड़ा) गुल रे गुल, मदार के फूल, तोला चढ़...

क्रमाॅंक:- 687,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- ऋचा: एक सौम्य मूरत

                  ऋचा: एक सौम्य मूरत चेहरे पर खिली यह मंद हँसी,जैसे भोर की पहली किरण, आँखों में छुपा विश्वास नया,छू लेता है जो स...

क्रमाॅंक:- 686,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हनुमत महा उड़ान

                     हनुमत महा उड़ान राम नाम उर में धरा, हनुमत भरे उड़ान। लाँघि गये जलधि विमल, राखे प्रभु का मान।। पंख लगा रघुना...

क्रमाॅंक:- 685,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- ऋचा बहन को सफलता की बधाई

          ऋचा बहन को सफलता की बधाई ऋचा बहन को मिल रही, आज बधाई खास। द्वितीय सत्र में पा लिया, प्रथम श्रेष्ठ विश्वास।। मेहनत रंग ...

क्रमाॅंक:- 684,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नाग पंचमी और शिव महिमा

            नाग पंचमी और शिव महिमा शीश नवा महिमा कहूँ, गाऊँ शिव के गीत। नाग पंचमी पर्व पर, उपजे मन में प्रीत।। शोभित शिव के कंठ ...

क्रमाॅंक:- 683,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नाग पंचमी मंगल गान

                नाग पंचमी मंगल गान नाग देव का ध्यान धर, पूजें सब नर-नार। दूध चढ़ाकर प्रेम से, हरें संकट सार।। शीश नवाएँ भक्ति से...

क्रमाॅंक:- 682,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शिव-गौरी भक्ति

                    शिव-गौरी भक्ति शीश नवाए प्रेम से, बैठी गौरी रूप। अभिषेकम शिव का करे, पावन महके धूप।। हाथ जोड़ विनती करे, मन ...

क्रमाॅंक:- 681,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हर घर तिरंगा

                🇮🇳 हर घर तिरंगा 🇮🇳 घर-घर भगवा श्वेत हिँ, शान निराली आज। अंबर चूमे गर्व से, अपना भारत राज।। जन-जन के मन में ज...

क्रमाॅंक:- 680,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- देशभक्ति और कर्तव्य

                 देशभक्ति और कर्तव्य मातृभूमि की धूलि तो, चंदन जैसा गेह। देशभक्ति ही दे रही, जीवन को नव नेह।। जननी जनममही, स्वर्...

क्रमाॅंक:- 679,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- कृष्ण-सुदामा मिलन

                 कृष्ण-सुदामा मिलन छूट गया सब जगत का, झूठा तड़क-भड़क। मोहन के भुज-पाश में, मिट गई सब धड़क।। सिंहासन बैकुंठ का, त...

क्रमाॅंक:- 678,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- प्रज्ञा और प्रकृति

                     प्रज्ञा और प्रकृति हाथ लिए पुस्तक खड़ी, सुंदर सहज स्वरूप।ममतामयी इस मूरत का, दिखे ढंग अनूप।। ऋचा नाम की पुस...

क्रमाॅंक:- 677,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आकाश से ऊँचा हो तेरा नाम

             आकाश से ऊँचा हो तेरा नाम आकाशों से भी उच्च हो, ऋचा बहन का नाम। सदा बढ़ातीं देश का, गौरव और मुकाम।। मन में करुणा भाव ...

क्रमाॅंक:- 676,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- श्री राधा-माधव प्रेम-पीयूष

             श्री राधा-माधव प्रेम-पीयूष बाँसुरी बजा रहे कान्हा, संग में बैठीं राध। अंग-अंग पुलकित भया, मिट गई सकल उपाध।। मुकुट श...

क्रमाॅंक:- 675,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- वात्सल्य की छाँव

।                   वात्सल्य की छाँव गोदी में बेटी हँसे, पाकर पिता का प्यार। जैसे आँगन में खिला, सुंदर फूल बहार।। कंधों पर बैठी ...

क्रमाॅंक:- 674,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- लाडली का रूप निराला

                लाडली का रूप निराला गुड़िया जैसी दिख रही, गोरी प्यारी बाल। मुख पर उंगली रख रही, सुंदर रूप रसाल।। गुलाबी पोशाक मे...

क्रमाॅंक:- 673,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आँगन की कली

                    आँगन की कली छवि अनुपम अति लाड़ली, बैठी चटाई मान। मन हरती हर मोड़ पर, भोली सी मुस्कान।। गुलाबी पोशाक में, लगत...

क्रमाॅंक:- 672,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बचपन की यादें

                    बचपन की यादें साइकिल की वह सैर याद, सावन की वह छाँव। पिता कँधैया जब बने, स्वर्ग हुआ था गाँव॥ रोटी आधी खा मिल...

क्रमाॅंक:- 671,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- गुरु-वंदना

                         गुरु-वंदना ज्ञान-जोत जग में जगे, मिटे मोह अंधियार। चेतन सुप्त जगाय जो, वंदन गुरु-दरबार।। श्री राजेंद्र ...

क्रमाॅंक:- 670,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आक्रोश की गूंज

                     आक्रोश की गूंज सड़कों पर उतरा है जन-सैलाब, हाथों में तख्तियां, आँखों में ख्वाब। जंतर-मंतर की ऐतिहासिक दीवार...

क्रमाॅंक:- 669,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शब्दों की बारिश

                     शब्दों की बारिश बरसे अमृत व्योम से, भीगा सकल जहान। ज्ञान-गंगा बह चली, जागा मानव-प्राण।। अक्षर-बूँदें झर रही...

क्रमाॅंक:- 668,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- जीवन के सच्चे साथी

                  जीवन के सच्चे साथी जीवन के हर मोड़ पर, जो निभाते हैं साथ। मित्रता दिवस की बधाई, जोड़कर दोनों हाथ।। ममता की मूर...

क्रमाॅंक:- 667,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सिंधु प्रहरी : मछलीपटनम

              सिंधु प्रहरी : मछलीपटनम माहे श्रेणी का बढ़ा, गौरव और सम्मान। सप्तम युद्धक पोत यह, वीर देश की शान॥ मछलीपटनम नाम का,...

क्रमाॅंक:- 666,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शिव-शक्ति दिव्य अनुराग

               शिव-शक्ति दिव्य अनुराग अर्धांगिनी बनीं सदा, शिव की आदि-शक्ति। पार्वती के रूप में, प्रकटी पावन भक्ति।। शीश चंद्रमा...

क्रमाॅंक:- 665,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- वीर धरा: शिशुपाल पर्वत

              वीर धरा: शिशुपाल पर्वत महासमुंद की भूमि पर, सरायपाली शान। शिशुपाल यह वीर धरा, अनुपम वितान मान।। दस किलीमीटर में फै...

क्रमाॅंक:- 664,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- रुक्मिणी-हरण

                    रुक्मिणी-हरण सुमिरन करि घनश्याम को, हृदय लगाय प्रितम। रुक्मिणी हरण प्रसंग का, गाऊँ यश उत्तम।। शिशुपालहि ब्या...

क्रमाॅंक:- 663,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- जगन्नाथ रथयात्रा

                जगन्नाथ रथयात्रा सुंदर रथयात्रा सजी, देखो रथ त्योहार। शुक्ल पक्ष आषाढ़ में, सजा हुआ बाजार।।1।। थामो मेरे हाथ को,...