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क्रमाॅंक:- 284, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- नारी शक्ति

नारी  बिन  सब  सून  है; ये  सारा  संसार। आज नारियों के साथ; हो रहा अत्याचार।1। नारी  देवी  रूप  है; करो  सदा  सम्मान। कभी भी करन...

क्रमाॅंक:- 283, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- काव्य धारा

काव्य धारा साहित्य का; बहती रस की धार‌‌। कलम की तेज धार से; जीवन  होता पार।1। मंचों में सब खो गए; पी साहित्य रसपान। सदा मिले साह...

क्रमाॅंक:- 282, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- मधुर व्यवहार

रिश्तों का महत्व है; सीखना तू व्यवहार। सदा दुर्गम के राह में; सीखो तुम मनुहार।1। सुंदर सा यह शब्द से; मिलता शिष्टाचार। स्वाभिमान...

क्रमाॅंक:- 281, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- यादें अतीत की

आये याद अतीत की; मन होता बेचैन। यादें रूलाती सदा; ऐ मन को कहाँ चैन।1। मन की व्यथा लिखूं सदा; लिए कलम की धार। यादों में खोते हुए;...

क्रमाॅंक:- 280, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- वहम

सुखमय जीवन के लिए; मन के वहम त्याग। रिश्तों को बनाये रखे; धैर्य रखो अनुराग।1। रिश्तों में कतार रखो; वहम को रखो दूर। मन में लगे आ...

क्रमाॅंक:- 279, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- औरत खिलौना नहीं

भारत  संस्कारों का  देश है; जहाँ स्त्री को देवी मानते हैं। आज  उस  भारत  देश  में; महिलाएं सुरक्षित  नहीं है। आज  हैवानों  के  न...

क्रमाॅंक:- 278, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पंखों की रानी

नील  गगन   में  उड़ो  प्यारी। तुम  हो   धरती   की   न्यारी। लहराकर  अपने  पंखों  को; अंबर में पंख फैलाओ सारी। आसमान में तुमको उड...