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क्रमाॅंक:- 563, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- झांँसी की रानी लक्ष्मीबाई

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई  थी; मनु  नाम  उसने  पाई  थी। फिरंगी  से  लड़ने  खातिर; अश्व चढ़ सामने आई थी।1। हिंद देश में गूॅंज रहा है उनके; शौर...

क्रमाॅंक:- 562, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- जिंदगी एक रंग मंच

रंग-मंच है जिंदगी; करतब करते लोग। मिलते जुलते साथ में; सुंदर है संयोग।।1।। जगह-जगह में कर रहे; मानव सभी प्रपंच। जनता से सरकार है...

क्रमाॅंक:- 561, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- गीत

पिता की आस है गीत। मांँ का विश्वास है गीत। मेरे घर की नव किलकारी। सबकी चहेती गीत दूलारी। हौसलों की उड़ान है गीत। भारत की पहचान ह...

क्रमाॅंक:- 560, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- नन्ही परी

पिता के चेहरे पर मुस्कान छा गई। माँ के दुखों की साथी आ गई।। मासूम सलोनी प्यारी सी कली, बातें हैं उसकी मिश्री सी डली।। कमसिन है,क...

क्रमाॅंक:- 559, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- माँ मैं तेरी परछाई हूँ

माँ मैं तेरी परछाई हूँ। मैं तुझसे ही तो आई हूँ। आज हालातों को देखकर, माँ मैं थोड़ी-सी घबराई हूँ।। आज मैं खुद से परेशान हूँ। तेरे...