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क्रमाॅंक:- 132, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- गर्मी में महंगाई की मार

                गर्मी में महंगाई की मार गर्मी ने तापमान बढ़ा दिए हैं, फलों की मांग बढ़ा दिए हैं। सुना है हर गली और चौराहा, सबकी ...

क्रमाॅंक:- 131, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- दिल नहीं पौधे लगाएं

                दिल नहीं पौधे लगाएं दिल कभी न लगाना, अक्सर टूट जाता है। जब भी करो विश्वास, दिल  तोड़ा  जाता  है।१। दिल  लगाने  स...

क्रमाॅंक:- 130, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- प्यार का इजहार करना जानो

            प्यार का इजहार करना जानो ऑंखों से ऑंखें मिलाना जानो, प्यार का इजहार करना जानो। इस  प्यार  के  मंजिल  में, सही राहों ...

क्रमाॅंक:- 129, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- तेरी जुल्फों का दीवाना हुआ

               जुल्फों का दीवाना हुआ यूॅं न जुल्फें  बनाया करो। यूॅं न तुम मुस्कुराया करो। तेरी  बदन  के  खुशबू से, यूॅं न हमें ...

क्रमाॅंक:- 128, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नये कश्मीर का निर्माण कर लें

            नये कश्मीर का निर्माण कर लें नये कश्मीर का निर्माण कर लें, अब  दहशतगर्दी  कम  हुआ। जब  से  हटा  अनुच्छेद 370, आतंकी ...

क्रमाॅंक:- 127, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- यूॅं ही देखते रह गये

                यूॅं ही देखते रह गये तेरी बिखरी जुल्फों को देखते रह गये, तेरी खूबसूरती में मदहोश रह गये। कोई प्यार का इजहार तुमसे कर गये, और...

क्रमाॅंक:- 126, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- तुझसे कैसे मिलूॅं

              तुझसे कैसे मिलूॅं जब भी तुम्हें याद किया करते हैं, ऑंखों से अश्रु बहाया करते हैं।१। दुनिया के नजरों से तुम्हें मिलूं कहाॅं, हर...