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क्रमाॅंक:- 564, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- सौंदर्य तेरे रूप का

सौंदर्य तेरे रूप का; बढ़ता है हर रोज। आशिक मन में कह रहे; तुझे निकाला खोज।1। प्रेम के विश्वास से; बढ़ता पल-पल मास। प्रेम से किये...

क्रमाॅंक:- 563, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- झांँसी की रानी लक्ष्मीबाई

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई  थी; मनु  नाम  उसने  पाई  थी। फिरंगी  से  लड़ने  खातिर; अश्व चढ़ सामने आई थी।1। हिंद देश में गूॅंज रहा है उनके; शौर...