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कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- योग दिवस

                  योग दिवस आओ मिलके योग दिवस मनाये  तन मन को स्वस्थ बनाये। सुबह और शाम करें योग, रखें खुद को हम निरोग।1। सुबह और शाम के हवा,...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- स्कूल चलें हम

            स्कूल चलें हम आओ स्कूल चलें हम, विद्या के मंदिर को हम। ज्ञान प्राप्त करें हर दम, आओ स्कूल चलें हम। विद्या है  मंदिर का रूप, शिक्...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नारी पूछ रही बार-बार निर्भया कांड क्यों....??

नारी पूछ रही बार-बार निर्भया कांड क्यों....?? बार बार निर्भया कांड क्यों पूछ रही है नारी, कब तक यूँ सरे आम इज्जत लुटती रहेगी हमारी।1। लाखों ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नन्ही परी

                  नन्ही परी पिता के चेहरे पर मुस्कान छा गई। माँ के दुखों की साथी आ गई।1। मासूम सलोनी प्यारी सी कली, बातें है उसकी मिश्री सी ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- काव्य संसद् ऑनलाईन

            काव्य संसद् ऑनलाईन कवि हूँ काव्य संसद् ऑनलाईन का, कवि पी रहा असफल का जहर। बैठा हूँ शांत गाँव के गली पर। तारीफ नही अपनी कविता पर।...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माँ

                        माँ         जिन्दगी के रास्ते पे नाम सिर्फ तेरा है माँ, आपके दुलार के लबो पर नाम तेरा है माँ, इस दुनिया की सबसे प्या...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पक्षियों के संरक्षण

        पक्षियों के संरक्षण नील गगन में तुम उड़ो, हरी डालियों पर झूलो, निडर होकर आसमान में, अपने पंख तुम खोलो। तिनका-तिनका वह जोड़ती, अपना सु...