कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बेमौसम बरसात By Parihindisahitya गुरुवार, 13 जनवरी 2022 0 Edit बेमौसम बरसात आसमान में बादल छा रही है। आँधी,तूफान आ रही है। गरज और चमक के साथ, बेमौसम बरसात हो रही है।1। मुझे न कुछ कहती न क...
कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- स्वामी विवेकानंद By Parihindisahitya बुधवार, 12 जनवरी 2022 0 Edit स्वामी विवेकानंद विश्व गुरु बन ज्ञान का दीप जलाया। सोए लोगों के आत्मा को जगाया। भारतीय अध्यात्म और संस्कृति से, विश्व को अभूतप...
कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बचपन की यादें By Parihindisahitya रविवार, 9 जनवरी 2022 0 Edit बचपन की यादें जिंदगी किताब है उसके पन्ने लिख गये, पहले साथ रहते थे अब झगड़ना सीख गये। ये बचपन यूं याद आते है मेरे दोस्त, खरीदना ...
कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- चालाकी By Parihindisahitya जनवरी 09, 2022 0 Edit चालाकी मेरे दिल की मायूसी तो, तेरे पास से गुजरी है। हम सारी चालाकी से, वही छोड़ के गुजरे है। तेरे-मेरे रात मे फर्क इतना है, ...
कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बसंत ॠतु का आगमन By Parihindisahitya शुक्रवार, 7 जनवरी 2022 0 Edit बसंत ॠतु का आगमन सबका हृदय खिल जाएगा, मस्ती में सब गीत गाएगा। नाचे गाए सब मन बहलाए, जब बसंत अपना रंग दिखाए।1। खिल कर वो गुलाब का फ...
कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मेरे सपने By Parihindisahitya जनवरी 07, 2022 0 Edit मेरे सपने उगते हुए सूरज का निकलना। ठलती हुई सूरज की लाली। फूलों का डाली पर मुरझा जाना। हर गम को भूल कर आगे बढ़ना। सपनों...
कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पति-पत्नी का प्रेम By Parihindisahitya बुधवार, 5 जनवरी 2022 0 Edit पति-पत्नी का प्रेम पत्नी पति के लिए अपनी जान दे देती है, पत्नी पति के लिए सब कुर्बान कर देती है। सुख-दुख में जो साथ देती है, व...