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कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हिमालय

                  हिमालय नेपाल, चीन सीमा पर स्थित, हिमालय पर्वत की चोटी। गंगा यही से निकलती है, पत्थरों के साथ बहती है। हिमालय को पर्वत राज,...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- जवान

                  जवान    मान करे,सम्मान करे, वीर जवान का गुणगान करे,  देश की सीमा मे रक्षा करते, हम सब मिलकर सम्मान करे। कश्मीर की सीमा मे ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माॅं की ममता ईश्वर का वरदान

      माॅं की ममता ईश्वर का वरदान             माॅं की ममता ईश्वर का वरदान है, सच पूछो तो माॅं ईश्वर नही भगवान है। माॅं को नाराज करना तेरी भ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- अनुशासन

                अनुशासन सुबह की नई किरण से, आलस का त्याग करना है। चहक रही है सारे पक्षी, स्वस्थ रहो तन,मन से। बड़ो के समक्ष सिर झुकाओ, सदा प...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आईना

                    आईना जब भी मै आईना देखूं, तेरी तस्वीर नजर आती है। तु मुझसे नाराज क्यों है, क्यों दिखा रही हो आईना। लोगो के चेहरे और मन क...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सूर्य नमस्कार

                सूर्य नमस्कार रोज सुबह आता है, सदा सबको जगाता है। ठंड के दिनों मे गर्मी देकर, वो सूर्य चला जाता है। पूरब,पश्चिम,उत्तर,दक्षिण...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शहादत

                    शहादत शहीदों की शहादत मे,     नाम आयेगा तेरा। भारत माँ के लाल तुझको,    हाथ जोड़ प्रणाम मेरा। दुश्मन ऊपर करके चढ़ाई,   ख...