क्रमाॅंक:- 267, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- घपटे हे बादर
बादर अब्बड़ घपटे हावै। जाड़ म सब ठिठुरत हावै।। घर घर म सबके संगी। गोरसी म आगी बारत हावै।। घपटे हे बादर जाड़ के मारे। बि...