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क्रमाॅंक:- 499, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- बहन की मुस्कान

बिखरे लंबें बालों से चेहरा खिल जाता है। बहन के मुस्कान से भाई खुश हो जाता है।। साड़ी के श्रृंगार से तन सज जाता है। मन के सुंदर भ...

क्रमाॅंक:- 498, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- प्यार की परिभाषा

दुनिया  बदल  रहा है  मौसम  की  तरह। दिल की चाहत बदल गई रंगों की तरह।। मैं तुमको  देखता रहा  सपनों  की तरह। दिल में मुझे बसाए हो ...

क्रमाॅंक:- 497, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- भारत का खतरनाक मिसाइल

खतरनाक यह यंत्र है, हिंद के अग्नि पाँच। शत्रुओं के सब वार से, कभी न आये आँच।।1।। हरपल दुश्मन वार को, जवान करता व्यर्थ। अग्निमुखी...

क्रमाॅंक:- 496, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- घरौंदा बनाने का संकल्प

मानव रूपयों के लालच में वादा तोड़ जाता है।  रिश्तों पर  विश्वास नहीं  भरोसा  टूट जाता है।। तेज हवा के झोकों से घरौंदा उड़ जाता ह...

क्रमाॅंक:- 495, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- जल प्रलय

गाॅंव-गाॅंव  बहता  हुआ, वर्षा  से  जलधार। कहर ढा रहा आसमां, ब्याकुल है संसार।।1।। मचा हुआ है देश में, जल से हाहाकार। मानव तो मजब...

क्रमाॅंक:- 494, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- रिश्तों का बागबान

खिल उठा बागबान से, सुंदर सारे फूल। सुंदर मन के भाव से, जीवन है अनुकूल।।1।। सुंदर रिश्ते साज के, देता सबको प्यार। सभी उपवन खिला ह...

क्रमाॅंक:- 493, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- सबसे बड़ा राष्ट्रधर्म

मन के  सुंदर भाव  से, मिलता  सबको  प्यार। नित्य करूँ मैं प्रार्थना, दुख हो दूर हजार।।1।। भारत  माँ  के  लाल  ने, कभी  न  मानी  ह...