क्रमाॅंक:- 559, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- माँ मैं तेरी परछाई हूँ
माँ मैं तेरी परछाई हूँ। मैं तुझसे ही तो आई हूँ। आज हालातों को देखकर, माँ मैं थोड़ी-सी घबराई हूँ।। आज मैं खुद से परेशान हूँ। तेरे...