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क्रमाॅंक:- 277, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नए वर्ष का नया सवेरा

नए वर्ष का नया सवेरा है। नव वर्ष में दीप जलाना है। नव वर्ष में भारत चमक रहा है। नव वर्ष की दूधिया रोशनी में। नव वर्ष में भारत सज...

क्रमाॅंक:- 276, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- भक्ति पे विश्वास

कृष्ण सुदामा के सखा; सदैव रखता आस। भक्ति भजन के साथ में; सदा करो विश्वास।1। देख सुदामा भक्ति का; जग सारे हैरान। पाँच घर भिक्षा म...

क्रमाॅंक:- 275, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सौंदर्य तेरे रूप का

सौंदर्य तेरे रूप का; बढ़ता है हर रोज। आशिक मन में कह रहे; तुझे निकाला खोज।1। प्रेम के विश्वास से; बढ़ता पल-पल मास। प्रेम से किये...

क्रमाॅंक:- 274, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मातृभाषा हिंदी

हिंद देश की शान है हिंदी। हिंद देश की आन है हिंदी। हिंद देश  को  मिल  रहा है; हिंद देश का पहचान हिंदी। हिंद देश की मातृभाषा हिंद...

क्रमाॅंक:- 273, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हमर गवँई गाँव

हमर गवँई गाँव म, श्रम के पसीना ओगारत हन। सुग्घर गाँव ल बनाय बर, जम्मो कचरा चतवारत हन। अपन गाँव म बूता करें बर, काहें के लाज शरम।...

क्रमाॅंक:- 272, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- अब्बड़ सुघ्घर हमर गाँव

जंगल अउ पहाड़ी के मझोत म, बसे हावय मोर निठोरा गाँव।। अपन के जंगल म बसेरा करथन‌ मया के मयके म जनमे हावन।। सुघ्घर तीज के तिहार,बिह...

क्रमाॅंक:- 271, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- किस्मत की लकीर

मेरे हाथों के लकीरों में क्या लिखा होगा। रब मेरे किस्मत में कुछ भला लिखा होगा।। जमाना रुठ जाये कोई फर्क नहीं पड़ता। अपने ही रुठे...