क्रमाॅंक:- 439, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- जीने की राह
तन में जब तक प्राण है; जीने की है चाह। कोमल शरीर साज के; मानव चलता राह।।1। सुंदर जीवन साज के; मन में रखना प्राण। जीवन तो अनमोल ह...