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क्रमाॅंक:- 439, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- जीने की राह

तन में जब तक प्राण है; जीने की है चाह। कोमल शरीर साज के; मानव चलता राह।।1। सुंदर जीवन साज के; मन में रखना प्राण। जीवन तो अनमोल ह...

क्रमाॅंक:- 437, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- बिजली विभाग की मनमानी

बिजली अधिकारी काट रहे; मनमर्जी के लाईट। जनता सभी परेशान है; इस फील्ड को करो वाईट।। बारिश और तूफान नहीं; मौसम है पूरा क्लीन। फिर ...

क्रमाॅंक:- 436, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- एक बाल मजदूर की व्यथा

सूरज  तपती  धूप  में; बाल  हुआ  बेहोश। वंचित है वह नीर से; उसे न आया होश।।1।। एक  बाल  मजदूर  तो; बोल  रहा  है  आज। बाल व्यथित ह...

क्रमाॅंक:- 435, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- हमारी विरासत

इस सारे संसार में; मिला हमें पहचान। सुंदर इसका रूप है; भारत बड़ा महान।।1।। हमें विरासत में मिला; पवित्र पावन धाम। गंगा, यमुना सा...

क्रमाॅंक:- 434, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- कण-कण में बसे श्रीराम

परम तत्व संसार में; परमपिता का नाम। लें मानव शुभ नाम को; करते अपना काम।।1।। राम नाम जपते रहो; रोज सबेरे-शाम। उदित हुआ जग में सदा...

क्रमाॅंक:- 433, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- सात सुरों के सरगम

सुर सरगम को तान के; छेड़ मधुर झंकार। वीणा लेके हाथ में; बजते सरगम सार।।1। मात शारदे तू सदा; सुर सरगम दे साज। गीतों की झंकार से; ...

क्रमाॅंक:- 432, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- माँ को चुंबन दे रहा

माँ को चुंबन दे रहा; माँ के प्यारा लाल। नटखट बालक रूप है; चुंबन देता गाल।।1।। चुंबन देता गाल पे; पल होता अनमोल। सुंदर बालक रूप क...