क्रमाॅंक:- 143, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हसदेव के गोहार
हसदेव के गोहार हसदेव अरण्य काट रहे, इंसान संकट को बुला रहे। मानवता अब खत्म हो रहा, प्रकृति से खिलवाड़ कर ...