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क्रमाॅंक:- 167, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- रूठी प्रकृति

                        रूठी प्रकृति प्रकृति कुछ रूठी-रूठी सी है, सूर्य  की  निर्विघ्न  तपन  से। जहाॅं  कहीं  भी  धूप  सताती, पे...

क्रमाॅंक:- 166, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- संविधान का मशाल

                      संविधान दिवस                     संविधान का मशाल संविधान का मशाल आज जलने लगा, लोकतंत्र की याद आज आने लगी। ...

क्रमाॅंक:- 165, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- अपनों की नजदीकियों का एहसास

       अपनों की नजदीकियों का एहसास दिल में जगे विश्वास को बूझने नहीं देंगे। प्यार पर किये विश्वास को टूटने नहीं देंगे।। बढ़ी हुई...

क्रमाॅंक:- 164, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मेरा प्यार बेवफा निकला

                मेरा प्यार बेवफा निकला मेरी जिंदगी में आकर की बेवफाई, मेरे  जीवन  में  कर  गई  रुसवाई।। खुद से भी ज्यादा तुम पे ...

क्रमाॅंक:- 163, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सपनों की उड़ान

                    सपनों की उड़ान नील  गगन  में  मैं  उड़  जाऊॅं, सपनों  की  उड़ान  के  लिए। बेख़ौफ़ होकर मंजिल की ओर, कदम बढ़ा...

क्रमाॅंक:- 162, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- इंसानियत

                        इंसानियत मेरी नज़रें इंसानियत ढूंढती है। नहीं मिलेगी फिर भी ढूंढती है।। सबके दिलों में इंसानियत जगाना हो...

क्रमाॅंक:- 161, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस

                विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस            अन्न के लिए गरीब की तड़प क्या-क्या हमने दिन देखे है, एक-एक  दाने  को  तरसे ह...