क्रमाॅंक:- 578, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- नूतन प्रतिमान
नूतन प्रतिमान दुख के सपने छोड़ दे, गढ़ नूतन प्रतिमान। आज सँभल कर तू बढ़े, कल होगा आसमान।।1।। हाथ न कोई साथ है...