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क्रमाॅंक:- 601, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माँ: एक पूर्ण ब्रह्मांड

                  माँ: एक पूर्ण ब्रह्मांड माँ केवल इक शब्द नहीं, माँ पूरा ब्रह्मांड। अगम अथाह रहस्य है, समझ न पाए पांड।। त्याग ...

क्रमाॅंक:- 600, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- संस्कारों की धरोहर

                  संस्कारों की धरोहर सजी प्रेम की महफिलें, खुशियाँ अपार साथ। परम पिता की कृपा से, सिर पर उनका हाथ।।1।। संस्कारों...

क्रमाॅंक:- 599, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- संवेदना: स्त्री की आध्यात्मिक शक्ति

       संवेदना: स्त्री की आध्यात्मिक शक्ति कोमल हृदय न जानिये, यह तो शक्ति अपार। भीतर बहता प्रेम का, करुणा-सिंधु उदार।।1।। अश्रु...

क्रमाॅंक:- 598, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना-प्रज्ञा और प्रकृति

                      प्रज्ञा और प्रकृति तन की रचना तुच्छ है, बुद्धि तत्त्व अनमोल। घुटने ढूँढे मूढ़ जन, प्रज्ञा अनहद बोल।।1।। लिं...

क्रमाॅंक:- 597, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- भाई-बहन का अटूट प्रेम

              भाई-बहन का अटूट प्रेम स्नेह डोर से हैं बँधे, भाई और बहन। खुशियों से आँगन भरे, महके सारा चमन।।1।। भाई रक्षक ढाल है,...

क्रमाॅंक:- 596, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- रूप अनूप: एक काव्य रचना

                 रूप अनूप: एक काव्य रचना हरा वसन तन पर सजा,जैसे सावन मास। कनक चमक मुख पर खिली, मन में भरे हुलास।।1।। सौम्य रूप श...

क्रमाॅंक:- 595, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माँ का संबल

                        माँ का संबल जगत कल्याणी मातु हे, सुमिरूँ बारंबार। आओ दुर्गा दाई अब, कर दो बेड़ा पार।। नव दिन ज्योत जलाऊँ...