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क्रमाॅंक:- 662,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- कुंती माँ के तीन रत्न

                  कुंती माँ के तीन रत्न शीतल छाया जैसी माता, नाम कुंती देवी प्यारा। जिनके आँगन में चमकता, खुशियों का हर एक सितार...

क्रमाॅंक:- 661,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सादगी की मूरत: ऋचा बहन

            सादगी की मूरत: ऋचा बहन सादापन मन को छुए, सहज रूप का रंग। मुख मंडल पर दिख रही, गरिमा शील उमंग।। सौम्य रूप ऋचा बहन, सा...

क्रमाॅंक:- 660,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना-प्रेम का शाश्वत स्वरूप

नं                प्रेम का शाश्वत स्वरूप स्वार्थ-मृत्तिका में कभी, जमे न प्रेम-सनेह। यह आकाश-कल्पतरु, निर्मल भाव-अनेह।।1।। छल-कप...

क्रमाॅंक:- 659,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- रूह की चीख

                         रूह की चीख मासूमियत कुचल गई, कांप उठी है रूह। चीख रही इंसानियत, बहती खून की जूह।। तेरह साल की उ...

क्रमाॅंक:- 658,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आँगन की तुलसी

                   आँगन की तुलसी आँगन में माता बसीं, हरतीं सब संताप। तुलसी की सेवा करे, मिटे सकल दुख-पाप।। हरी-भरी पावन लता, मंज...

क्रमाॅंक:- 657,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आत्म-बोध और विनय

                आत्म-बोध और विनय अहंकार ही माया है, जीव फँसा इस जाल। मिटे अहंता जब मचल, चमके आत्म-कृपाल।। घट-घट में वह ब्रह्म है...

क्रमाॅंक:- 656,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मौन बहना,व्याकुल वीर

              मौन बहना,व्याकुल वीर भैया कहना भूल गई, रूठी ऋचा आज। सूना-सूना लग रहा, सारा ही समाज।। मौन खड़ी है देह कूं, मुख से ब...