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क्रमाॅंक:- 108, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- प्यार का एहसास

                प्यार का एहसास जब ऑंखों से ऑंखें मिली, तो प्यार जगाना जरूरी है। करना है  किसी  से  प्यार, तो मिलना भी जरूरी है।1। आज  के  इस...

क्रमाॅंक:- 107, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- तिरंगा झुकने न देगें

              तिरंगा झुकने न देगें भारत माॅं के हरियाली को, खून से कभी सिंचने न देगें। बहा  देगें  खून  का कतरा, तिरंगा को हम झुकने न देगें।...

क्रमाॅंक:- 106,कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आ गया हिंदुस्तान का रक्षक

          आ गया हिंदुस्तान का रक्षक आ गया हिंदुस्तान का रक्षक, पाकिस्तान से लोहा लेने को। सैनिक  भी   तैयार   खडे़   हैं, दुश्मनों  को  जवाब...

क्रमाॅंक:- 105, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हिंद देश के वीर जवान

                हिंद देश के वीर जवान हिंद देश के वीर जवान। भारत माँ के सच्चे संतान।1। सुरक्षा के खातिर डटे हुए। देख कर शत्रु भगते फिरते हैं ...

क्रमाॅंक:- 104, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- भारत का नवनिर्माण किया जाय

        भारत का नवनिर्माण किया जाय आज रब से विनती किया जाय, हर घर में सुखदेव,भगतसिंह,राजगुरू का जन्म हो जाय।1। मिट गये हिन्दुस्तान मिटाने वा...

क्रमाॅंक:- 103, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- कागज के फूल

                कागज के फूल गुलाबी रंग के फूल खिले, सुंदर  दिखाई  पड़ते  है। हरे  पत्तों  और  फूलों  से, न कोई खुशबू निकलती है।1। टहनी पर उग...

क्रमाॅंक:- 102, होली के रंगोत्सव पर कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- गुलाब के रंग दोस्तों के संग

            गुलाब के रंग दोस्तों के संग दोस्तों के साथ होली खेला कर तू, साथ में रंगों का मस्ती किया कर तू। मिले सभी दोस्तों का प्यार होली पर...