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क्रमाॅंक:- 139, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हसदेव अरण्य

                       हसदेव अरण्य आओ मिलकर हसदेव अरण्य को बचाएं। जन-जन में जागरूकता फैलाएं। अंधाधुंध पेड़-पौधे काटे जा रहे, पर्...

क्रमाॅंक:- 138, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- चढ़ता घमंड

                    चढ़ता घमंड चढ़ता   घमंड  में   इंसान, रिश्तें-नाते  भूल  जाते  हैं। पैसों  का  रौब  दिखाकर, चढ़ता घमंड दिखा ...

क्रमाॅंक:- 137, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- इश्क में जुदाई की तड़प

              इश्क में जुदाई की तड़प मैं तेरे प्यार में जलता ही रहा, दिन-रात जल बीन मछली तड़पता ही रहा। नहीं भुल पाया  यादों को ...

क्रमाॅंक:- 136, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- दो नैना

                            दो नैना दो  नैना  जब से तुम्हारे देखा, खोया रहता हूॅं तुम्हारे नैनों में। बरसा दो मझपे अपना प्यार, प...

क्रमाॅंक:- 135, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- रिश्ता बनाए रखने के लिए विश्वास जरूरी है

रिश्ता बनाए रखने के लिए विश्वास जरूरी है रिश्तों से चहक उठता है जीवन, फूल जैसा महकाती है जीवन। जब रिश्तों में विश्वास हो तो। महक...

क्रमाॅंक:- 134, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- तुम्हारी यादें

                         तुम्हारी यादें सता रही है तुम्हारी यादें, तड़पा रही है तुम्हारी यादें। जब से रूठकर गई हो तुम, जला रही ह...

क्रमाॅंक:- 133 , कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मोर छत्तीसगढ़ के बोरे-बासी

            मोर छत्तीसगढ़ के बोरे-बासी मोर छत्तीसगढ़ के बोरे बासी, सुवाद जइसन गंगा अउ कासी। मिर्चा,गोंदली अउ पताल ह, सुवाद बड़हा...