Trending News
Loading...
Blogger द्वारा संचालित.

New Posts Content

क्रमाॅंक:- 582, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना-जीवन-सरिता

                      जीवन-सरिता निशिदिन बहती रूह यह, तज गिरि-मोह-वितान। बदले पग-पग जगत के, माया-रूप सुजान।। वादा तट का कर गईं, ...

क्रमाॅंक:- 581, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- पर्यावरण संकट और विकास की अंधी दौड़

  पर्यावरण संकट और विकास की अंधी दौड़ तप्त हुई धरती सकल, हिमगिरि रहे पिघल। प्राणवायु संकट फँसी, ओजोन भी अब अल्प।। गैस-कुंड दिल्ली...

क्रमाॅंक:- 580, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- कर्म और परात्पर प्रेम

                  कर्म और परात्पर प्रेम अंकुर न फूटा क्षेत्र में, माटी दोष न होय। स्वयं कर्म की संहिता, जो बोया सो होय।। विधिकाल...

क्रमाॅंक:- 579, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- भक्ति और आडंबर

                      भक्ति और आडंबर पर्व शक्ति का अब बना, केवल ही हुड़दंग। भक्ति-वीणा टूटती, शोर हुआ है संग।।1।। रही न पावन रास ...

क्रमाॅंक:- 578, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- नूतन प्रतिमान

                      नूतन प्रतिमान दुख के सपने छोड़ दे, गढ़ नूतन प्रतिमान। आज सँभल कर तू बढ़े, कल होगा आसमान।।1।। हाथ न कोई साथ है...

क्रमाॅंक:- 577, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- प्रेम और नियति

                     प्रेम और नियति लेख न बांचे नियति के, बोए प्रेम-बीज। बंजर मिट्टी है नहीं, भाग्य न अपना चीज।।1।। हाथ छुड़ाकर द...

क्रमाॅंक:- 576, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- आत्म-बोध और धर्म-पथ

      आत्म-बोध और धर्म-पथ(दोहा छंद) देह मनस आत्मा सकल, मृदु निर्मल आकाश। शाँति शरण अरु वास है, चेतन परम प्रकाश।।1।। मुक्त रहे सं...