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क्रमाॅंक:- 586, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- कौंदकेरा: एक आदर्श ग्राम

              कौंदकेरा: एक आदर्श ग्राम प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक परिवेश कानन-सरिता-तट बसा, कौंदकेरा अभिराम। प्रकृति-नटी की गोद मे...

क्रमाॅंक:- 585, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- अंतर्बोध

                            अंतर्बोध क्षणभंगुर मत मानिये, ओस-बिंदु का रूप। कण-कण में सोता यहाँ, सघन वनस्पति-स्तूप।। शीतल विधु मत...

क्रमाॅंक:- 584, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना-अनहद फागुन

                     अनहद फागुन फागुन प्रथम बयार जब, मुरली सून संदेश। कुंज गली राधा चली, तजि सब मौन विशेष।। नभ से उतरा राधिका, म...

क्रमाॅंक:- 583, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- स्वयं से मिलन

                      स्वयं से मिलन रंग उछलते हैं नहीं, उतरें स्वयं अपार। गूँज तुम्हारी श्वास में, ठहरी बन ओंकार।। समय-आवरण जब ढ...

क्रमाॅंक:- 582, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना-जीवन-सरिता

                      जीवन-सरिता निशिदिन बहती रूह यह, तज गिरि-मोह-वितान। बदले पग-पग जगत के, माया-रूप सुजान।। वादा तट का कर गईं, ...

क्रमाॅंक:- 581, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- पर्यावरण संकट और विकास की अंधी दौड़

  पर्यावरण संकट और विकास की अंधी दौड़ तप्त हुई धरती सकल, हिमगिरि रहे पिघल। प्राणवायु संकट फँसी, ओजोन भी अब अल्प।। गैस-कुंड दिल्ली...

क्रमाॅंक:- 580, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- कर्म और परात्पर प्रेम

                  कर्म और परात्पर प्रेम अंकुर न फूटा क्षेत्र में, माटी दोष न होय। स्वयं कर्म की संहिता, जो बोया सो होय।। विधिकाल...