क्रमाॅंक:- 589, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना-कवि-धर्म और आत्म-बोध
कवि-धर्म और आत्म-बोध सत्य लिखो तज मोह सब, तजो जगत का शर्म। सृजन साधना है प्रखर, यही तुम्हारा धर्म।। सुख-दुख है मन ...