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क्रमाॅंक:- 589, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना-कवि-धर्म और आत्म-बोध

              कवि-धर्म और आत्म-बोध सत्य लिखो तज मोह सब, तजो जगत का शर्म। सृजन साधना है प्रखर, यही तुम्हारा धर्म।। सुख-दुख है मन ...

क्रमाॅंक:- 588, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- भक्ति और आस्था: एक दर्शन

            भक्ति और आस्था: एक दर्शन माता तेरे रूप में, श्रद्धा की ज्योत जगाई। भक्तों के इस प्रेम को, तूने ही राह दिखाई।।1।। सिं...

क्रमाॅंक:- 587, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष आलेख- प्रदूषण का अभिशाप: अस्तित्व पर गहराते संकट

प्रदूषण का अभिशाप: अस्तित्व पर गहराते संकट "आज धरती का तापमान बढ़ रहा है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं और ओजोन परत पतली हो रही है।...

क्रमाॅंक:- 586, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- कौंदकेरा: एक आदर्श ग्राम

              कौंदकेरा: एक आदर्श ग्राम प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक परिवेश कानन-सरिता-तट बसा, कौंदकेरा अभिराम। प्रकृति-नटी की गोद मे...

क्रमाॅंक:- 585, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- अंतर्बोध

                            अंतर्बोध क्षणभंगुर मत मानिये, ओस-बिंदु का रूप। कण-कण में सोता यहाँ, सघन वनस्पति-स्तूप।। शीतल विधु मत...

क्रमाॅंक:- 584, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना-अनहद फागुन

                     अनहद फागुन फागुन प्रथम बयार जब, मुरली सून संदेश। कुंज गली राधा चली, तजि सब मौन विशेष।। नभ से उतरा राधिका, म...

क्रमाॅंक:- 583, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंदमुक्त रचना- स्वयं से मिलन

                      स्वयं से मिलन रंग उछलते हैं नहीं, उतरें स्वयं अपार। गूँज तुम्हारी श्वास में, ठहरी बन ओंकार।। समय-आवरण जब ढ...