क्रमाॅंक:- 595, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माँ का संबल
माँ का संबल जगत कल्याणी मातु हे, सुमिरूँ बारंबार। आओ दुर्गा दाई अब, कर दो बेड़ा पार।। नव दिन ज्योत जलाऊँ...