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क्रमाॅंक:- 595, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माँ का संबल

                        माँ का संबल जगत कल्याणी मातु हे, सुमिरूँ बारंबार। आओ दुर्गा दाई अब, कर दो बेड़ा पार।। नव दिन ज्योत जलाऊँ...

क्रमाॅंक:- 594, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना-पितृ-छाया और परिवार

                पितृ-छाया और परिवार पिता खड़े आधार बन, घर की गौरव शान। पुत्र-पुत्री साथ हैं, बढ़ा रहे सम्मान।।1।। श्वेत वस्त्र धार...

क्रमाॅंक:- 593, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पिता-पुत्री स्नेह

                      पिता-पुत्री स्नेह पिता शक्ति का पुंज है, पुत्री शीतल छाँव। रिश्ता ये अनमोल है, जैसे पावन गाँव।। उंगली थामे...

क्रमाॅंक:- 592, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- छत्तीसगढ़ का हरा सोना: तेंदूपत्ता

          छत्तीसगढ़ का हरा सोना: तेंदूपत्ता वनांचल की गोद में, बिखरा अनुपम रूप। छत्तीसगढ़ का भाग्य यह, खिला सुनहरी धूप।।1।। कोमल...

क्रमाॅंक:- 591, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- ममता का रक्षा कवच

                ममता का रक्षा कवच लहरों के बीच माँ फंसी, सुत को लिया बचाए। ममता का आँचल यहाँ, ढाल सा नजर आए।। लाल जैकेट कवच बनी,...

क्रमाॅंक:- 590, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आत्म-विजय और पुरुषार्थ

              आत्म-विजय और पुरुषार्थ तज निद्रा चैतन्य हो, तज अज्ञान-अँधेर। रग में जो पौरुष नहीं, वह पानी का ढेर।। भाग्य-लेख को क...

क्रमाॅंक:- 589, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना-कवि-धर्म और आत्म-बोध

              कवि-धर्म और आत्म-बोध सत्य लिखो तज मोह सब, तजो जगत का शर्म। सृजन साधना है प्रखर, यही तुम्हारा धर्म।। सुख-दुख है मन ...