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क्रमाॅंक:- 654,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- ऋचा: एक दिव्य अनुभूति

              ऋचा: एक दिव्य अनुभूति कण-कण में है वास उसी का, जड़-चेतन आधार वही, भ्रम का तिमिर हटा कर देखो, घट-घट में करतार वही। य...

क्रमाॅंक:- 653,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नकटी गाँव का दर्द

                  नकटी गाँव का दर्द घर टूटा उम्मीद का, बिखरा सब सामान। सत्ता के इस खेल में, रोता है इंसान।। रो-रो आँखें सूज गईं,...

क्रमाॅंक:- 652,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पंडवानी सम्राज्ञी: डॉ. तीजन बाई

        पंडवानी सम्राज्ञी: डॉ. तीजन बाई पंडवानी की शान जो, तीजन बाई नाम। विश्व पटल पर दे गई, अनुपम गौरव-धाम।। हाथ तंबूरा तान कर,...

क्रमाॅंक:- 651,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- प्रेम: एक दिव्यानंद अनुभूति

            प्रेम: एक दिव्यानंद अनुभूति  प्रेम एक पावन नदी, बहती अविरल धार। जो डूबे इस रंग में, पा जाए संसार।। दिव्यानंद अनुभूति...

क्रमाॅंक:- 650,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- चाँदनी रात में कमल

                   चाँदनी रात में कमल नभ में चमके चाँदनी, झील हुई है लाल। कमल खिले हैं ताल में, महक उठा है काल।। शीतल पावन रात म...

क्रमाॅंक:- 649,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सतलोक के स्वामी कबीर

              सतलोक के स्वामी कबीर श्वेत वस्त्र सिर टोपी सोहे, मुख पर अनुपम नूर। कमल कली आसन सजे, तेज रहा भरपूर।। मयूर पीठ पीछे ...

क्रमाॅंक:- 648,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- सुख-दुख: जीवन के दो पहलू

            सुख-दुख: जीवन के दो पहलू सिक्के के दो रूप हैं, सुख और दुख महराज। मन की जैसी भावना, वैसा दिखे समाज।। सुख की चाहत सब क...