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क्रमाॅंक:- 676,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- श्री राधा-माधव प्रेम-पीयूष

             श्री राधा-माधव प्रेम-पीयूष बाँसुरी बजा रहे कान्हा, संग में बैठीं राध। अंग-अंग पुलकित भया, मिट गई सकल उपाध।। मुकुट श...

क्रमाॅंक:- 675,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- वात्सल्य की छाँव

।                   वात्सल्य की छाँव गोदी में बेटी हँसे, पाकर पिता का प्यार। जैसे आँगन में खिला, सुंदर फूल बहार।। कंधों पर बैठी ...

क्रमाॅंक:- 674,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- लाडली का रूप निराला

                लाडली का रूप निराला गुड़िया जैसी दिख रही, गोरी प्यारी बाल। मुख पर उंगली रख रही, सुंदर रूप रसाल।। गुलाबी पोशाक मे...

क्रमाॅंक:- 673,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आँगन की कली

                    आँगन की कली छवि अनुपम अति लाड़ली, बैठी चटाई मान। मन हरती हर मोड़ पर, भोली सी मुस्कान।। गुलाबी पोशाक में, लगत...

क्रमाॅंक:- 672,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बचपन की यादें

                    बचपन की यादें साइकिल की वह सैर याद, सावन की वह छाँव। पिता कँधैया जब बने, स्वर्ग हुआ था गाँव॥ रोटी आधी खा मिल...

क्रमाॅंक:- 671,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- गुरु-वंदना

                         गुरु-वंदना ज्ञान-जोत जग में जगे, मिटे मोह अंधियार। चेतन सुप्त जगाय जो, वंदन गुरु-दरबार।। श्री राजेंद्र ...

क्रमाॅंक:- 670,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आक्रोश की गूंज

                     आक्रोश की गूंज सड़कों पर उतरा है जन-सैलाब, हाथों में तख्तियां, आँखों में ख्वाब। जंतर-मंतर की ऐतिहासिक दीवार...